MGM मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छोटा गोविंदपुर निवासी रीना कुमारी ने आरोप लगाया कि उनकी मां शांति देवी को पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। पहले भी दो बार ऑपरेशन टल चुका था। शुक्रवार को तीसरी बार तारीख तय हुई और परिजनों से इमरजेंसी के लिए ब्लड की व्यवस्था करने को कहा गया। ब्लड जमा कराने के बाद मरीज को ओटी में ले जाया गया।
परिजनों का आरोप है कि शांति देवी को बेहोशी की दवा देकर करीब दो घंटे तक ओटी में रखा गया, लेकिन बिना ऑपरेशन किए वापस वार्ड भेज दिया गया। परिवार ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए सवाल उठाया कि जब ऑपरेशन होना ही नहीं था तो मरीज को बेहोश क्यों किया गया।
मामले में डॉक्टरों के बीच तालमेल की कमी की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मरीज डॉ. सर्वर आलम की यूनिट में भर्ती थी। डॉ. नीलोफ़र अहमद ने कहा कि ऑपरेशन की तैयारी पूरी थी, लेकिन सर्जन समय पर नहीं पहुंचे। वहीं डॉ. सर्वर आलम ने दावा किया कि उनकी अनुमति के बिना मरीज को ओटी में ले जाकर बेहोश किया गया और सुरक्षा को देखते हुए ऑपरेशन एक दिन के लिए टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि अब सर्जरी शनिवार को होगी। मामले को गंभीर मानते हुए डॉ. संजय कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टरों और विभागाध्यक्ष से पूछताछ की जाएगी तथा लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई होगी।
