गम्हरिया स्थित टाटा स्टील ग्रोथ शॉप में शुक्रवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब एक आदिवासी विधवा महिला कर्मी को काम से हटाए जाने के विरोध में मजदूरों और समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया। करीब चार घंटे तक चले जोरदार प्रदर्शन और प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद आखिरकार जीत मजदूरों की हुई और महिला कर्मी पायमली हेंब्रम को ससम्मान काम पर वापस बहाल कर दिया गया।
पायमली हेंब्रम पिछले 11 वर्षों से विभिन्न वेंडरों के अधीन हाउसकीपिंग का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। वर्तमान में वह यूनाइटेड हैंडलिंग कॉर्पोरेशन वेंडर के तहत कार्यरत थीं। महिला कर्मी का आरोप है कि वेंडर के सुपरवाइजर द्वारा उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और प्रबंधन के पास उनके खिलाफ गलत रिपोर्ट भेजी जा रही थी, जिसके आधार पर उन्हें काम से निकाल दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोमरा माझी ने टीजीएस के एचआर विभाग को लिखित शिकायत सौंपी। जब त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो शुक्रवार सुबह 6 बजे भोमरा माझी अपने समर्थकों के साथ टीजीएस गेट पर धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने वेंडर के मजदूरों और सुपरवाइजरों को अंदर जाने से रोक दिया, जिससे कामकाज प्रभावित होने लगा।
आंदोलन के बढ़ते दबाव को देखते हुए वेंडर मालिक प्रीतम सिंह ने समझौतावादी रुख अपनाया। उन्होंने अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि पायमली हेंब्रम को उनके घर से बुलाकर लाया जाए। इसके बाद महिला कर्मी का नया गेट पास जारी किया गया और उन्हें काम पर वापस रख लिया गया।
समझौता होने के बाद सुबह करीब 11:15 बजे सभी मजदूर और समर्थक शांत हुए और काम पर वापस लौटे। इस जीत पर खुशी जताते हुए भोमरा माझी ने कहा कि किसी भी असहाय या विधवा महिला का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस आंदोलन में उदय मार्डी, गोम्हा हांसदा, ओरगा हांसदा, बाबलू मार्डी और कई अन्य समर्थक मुख्य रूप से शामिल रहे।
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