धनबाद में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। एक तरफ एफसीआई सिंदरी प्रबंधन ने 946 अनधिकृत आवासों को खाली कराने का नोटिस जारी किया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने जीटी रोड तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से प्रभावित इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।
946 आवास खाली कराने का नोटिस
एफसीआई सिंदरी प्रबंधन ने पीपी कोर्ट के बेदखली आदेश के तहत मनोहरटांड और एसएल-2 क्षेत्र के कुल 946 आवासों को शीघ्र खाली करने का निर्देश दिया है। इनमें मनोहरटांड के 746 और एसएल-2 के 200 आवास शामिल हैं। प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर मकान खाली नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बेदखली कर दी जाएगी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि आवास खाली कराने की प्रक्रिया 30 मई से शुरू होगी। एफसीआई सिंदरी के प्रशासनिक एवं वित्तीय सलाहकार देवदास अधिकारी ने बताया कि मनोहरटांड के 746 आवासों में से केवल 376 ही रहने योग्य स्थिति में हैं, जबकि बाकी खंडहर बन चुके हैं। वहीं एसएल-2 के 200 आवासों में से 137 में लोग रह रहे हैं और शेष जर्जर हालत में हैं। उन्होंने कहा कि इन आवासों को खाली कराने के बाद बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके।
जीटी रोड किनारे अतिक्रमण पर भी कार्रवाई
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने गोविंदपुर बाजार क्षेत्र में जीटी रोड की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया है। परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार महतो की ओर से लोगों को चार दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
प्राधिकरण के अनुसार एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए पूरी जमीन को खाली कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कई जगहों पर होटल, गैराज और अन्य निर्माण जीटी रोड की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। फिलहाल कौआबांध से रतनपुर तक नोटिस तामील करने का काम जारी है। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों को भी नोटिस दे दिया गया है जिन्होंने किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया है। इसे लेकर क्षेत्र में नाराजगी देखी जा रही है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर से हटेगा अतिक्रमण
इधर, एसएनएमएमसीएच सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पीटल के आसपास बने अस्थायी निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ भी प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है। उपायुक्त अदित्य रंजन के निर्देश पर मजिस्ट्रेट, सरायढेला थाना पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की मौजूदगी में अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया।
अधिकारियों ने दो दिनों के भीतर अस्पताल की जमीन खाली करने का निर्देश दिया है। इस दौरान कुछ अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त भी किया गया। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल तक जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा, ताकि एंबुलेंस और मरीजों की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो।

बाउंड्रीवॉल निर्माण की तैयारी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जल्द इंडोर सेवा शुरू होने वाली है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल निर्माण की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
