चाईबासा : Steel Authority of India Limited की गुवा लौह अयस्क खदान में प्रभावित गांवों के बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार देने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से जारी अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन आखिरकार सफल वार्ता के बाद समाप्त हो गया। कंपनी प्रबंधन, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच करीब छह घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता के बाद पहले चरण में 50 प्रभावित बेरोजगार ग्रामीणों को नौकरी देने पर लिखित सहमति बनी।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों द्वारा रोजगार की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा था। 15 फरवरी 2026 को संयुक्त बैठक, 2 मार्च को ज्ञापन, 18 मार्च को धरना-प्रदर्शन, 7 अप्रैल को भूख हड़ताल और 28 अप्रैल को काम ठप कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद 11 मई 2026 से 19 गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीणों और मजदूरों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर माइंस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी।
आंदोलन के दौरान लौह अयस्क उत्पादन पूरी तरह बंद करा दिया गया और स्क्रीनिंग किए गए अयस्क को भी बाहर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद प्रबंधन को वार्ता के लिए आगे आना पड़ा।
वार्ता में निर्णय लिया गया कि गुवा सेल खदान से प्रभावित गांवों एवं सीएसआर क्षेत्र के 50 बेरोजगार ग्रामीणों को ग्रामसभा की अनुशंसा के आधार पर मई 2026 में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में भी रोजगार प्रक्रिया जारी रखने पर सहमति बनी। प्रत्येक गांव से लाभार्थियों का चयन ग्रामसभा के माध्यम से किया जाएगा।
नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंपनी प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, मानकी-मुंडा प्रतिनिधि एवं आउटसोर्सिंग एजेंसी की संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने इसे मजदूरों और ग्रामीणों की एकता की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता से नौकरी के नाम पर दलाली और धांधली पर रोक लगेगी तथा वास्तविक प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता मिलेगी।

वार्ता में ग्रामीण प्रतिनिधियों में सुरेश चाम्पिया, मंगता सुरेन, देवकी कुमारी, सिंगा सुरेन, बिरसा सुरेन, केशव गोप, विकास गोप, गुलियन चाम्पिया, विकास पुरती और सुशील पुरती समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कंपनी की ओर से सीजीएम चन्द्र भूषण कुमार उपस्थित थे, जबकि प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी महिंद्र छोटन उरांव, डीएसपी अजय क्रेकेटा, बीडीओ पप्पु रजक, सीओ, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
