उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बुधवार को हिरणपुर स्थित आदिम जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय और गुरुकुल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को देख डीसी प्रभावित तो हुईं, लेकिन व्यवस्थाओं में मिली कमियों पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए जल्द सुधार के निर्देश दिए।
कक्षाओं में जाकर बच्चों से पूछा हाल, खेल सुविधाओं पर जोर
1954 में स्थापित इस विद्यालय में वर्तमान में 327 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। डीसी ने स्वयं कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और पठन-पाठन के स्तर को परखा। इसके बाद उन्होंने हॉस्टल और किचन रूम का भी जायजा लिया।
- डीसी ने घोषणा की कि विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए जल्द ही बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा।
- प्रधानाध्यापक संदीप कुमार झा द्वारा पानी और बिजली की समस्या बताए जाने पर डीसी ने इसके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
परिसर में होगी सब्जी की खेती, आम के पेड़ों से होगा विद्यालय का विकास
निरीक्षण के दौरान डीसी ने पाया कि विद्यालय की चाहरदीवारी जर्जर है और किचन के पास गंदगी है, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
- लिट्टीपाड़ा बीडीओ संजय कुमार को निर्देश दिया गया कि बच्चों के भोजन के लिए बाजार पर निर्भरता कम की जाए और विद्यालय परिसर में ही सब्जी की खेती शुरू कराई जाए।
- परिसर में बड़ी संख्या में आम के पेड़ों के रखरखाव और फसल के बारे में सटीक जानकारी न मिलने पर डीसी ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि आम की फसल को व्यवस्थित तरीके से बेचकर प्राप्त राशि को विद्यालय के विकास कार्यों में खर्च किया जाए।
गुरुकुल में प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से की मुलाकात
विद्यालय के बाद डीसी ने पास ही स्थित गुरुकुल का भी निरीक्षण किया। यहाँ विभिन्न ट्रेड में 100 छात्राएं प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रिंसिपल द्वारा बेड की समस्या बताए जाने पर डीसी ने कल्याण विभाग के माध्यम से इसे जल्द दूर करने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान आईटीडीए निदेशक अरुण एक्का मुख्य रूप से उपस्थित रहे। डीसी ने स्पष्ट किया कि आदिम जनजातीय बच्चों के विकास के लिए सरकार की प्राथमिकताओं में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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