कोल इंडिया लिमिटेड में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। औद्योगिक संबंध संहिता (IR Code) 2020 के केंद्रीय नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद अब यूनियनों की ताकत कर्मचारियों के वोट से तय होगी। इससे वर्षों से चल रही “सबसे बड़ी यूनियन” की दावा राजनीति पर रोक लगने की संभावना है।
अब वोट से तय होगी यूनियनों की ताकत
नई व्यवस्था के तहत:
- 51% या उससे अधिक वोट पाने वाली यूनियन एकमात्र वार्ताकार यूनियन बनेगी।
- यदि किसी यूनियन को 51% वोट नहीं मिलता, तो 20% से अधिक वोट पाने वाली यूनियनों की वार्ताकार परिषद बनेगी।
- 20% से कम वोट पाने वाली यूनियनों को पांच वर्षों तक मान्यता नहीं मिलेगी।
- पूरी प्रक्रिया सीक्रेट बैलेट के जरिए होगी।
- चुनाव प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में कराई जाएगी।
- एक बार मिली मान्यता पांच वर्षों तक वैध रहेगी।
कंपनी स्तर पर प्रतिनिधित्व के लिए नई शर्त
कोल इंडिया स्तर की वार्ताकार परिषद में शामिल होने के लिए किसी यूनियन को कम-से-कम पांच अनुषंगी कंपनियों में 20% वोट हासिल करना अनिवार्य होगा।
90 दिनों में पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया
ड्राफ्ट व्यवस्था के अनुसार:
- पहले दिन मतदाता सूची के लिए कट-ऑफ तय होगी।
- 3 दिन तक यूनियनों के आवेदन लिए जाएंगे।
- 14वें दिन तक दस्तावेजों की जांच होगी।
- 20वें दिन मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
- 71 से 75वें दिन सीक्रेट बैलेट वोटिंग होगी।
- 76 से 80वें दिन मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
- 82 से 89वें दिन विभिन्न स्तरों पर मान्यता आदेश जारी होंगे।
चार स्तर पर होगी वार्ता व्यवस्था
नई प्रणाली में वार्ता का ढांचा भी स्पष्ट किया गया है:
- मुख्यालय स्तर: वेतन समझौता, ट्रांसफर नीति और कैडर संबंधी मुद्दे
- सब्सिडियरी स्तर: कंपनी से जुड़े विषय
- एरिया स्तर: संचालन और क्षेत्रीय समस्याएं
- प्रोजेक्ट स्तर: स्थानीय कार्यस्थल के मुद्दे
इसके अलावा वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा।
महिला प्रतिनिधित्व होगा अनिवार्य
1 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समितियों में अनुपातिक प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा।
यूनियन राजनीति में क्या बदलेगा
- दावा नहीं, वोट से वैधता तय होगी
- पांच वर्षों तक स्थिर मान्यता मिलेगी
- वार्ता की जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी
- जमीनी स्तर से मुख्यालय तक लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत होगा
लागू होने की प्रक्रिया
IR Code 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जा रहा है। केंद्रीय नियमों का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था और सुझाव 28 फरवरी 2026 तक लिए गए। पांच राज्यों के चुनाव के कारण लागू होने में देरी हुई, लेकिन 8 मई 2026 की अधिसूचना के बाद अब कोल इंडिया में इसे लागू करने की तैयारी तेज हो गई है।
