सरायकेला: दिन के उजाले में गांव में घुसा जंगली हाथियों का झुंड; हेसाडीह पंचायत के राणाडीह मारांगबुरू पहाड़ क्षेत्र में दहशत

"दिन के उजाले में गांव पहुंचे 'गजराज'! सरायकेला के राणाडीह मारांगबुरू पहाड़ क्षेत्र में बढ़ा हाथियों का खौफ।"

Johar News Times
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चांडिल एवं तमाड़ वन क्षेत्र के अधीन आने वाले ईचागढ़ के कुटाम गांव से होते हुए जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड रविवार को दिन के उजाले में ही हेसाडीह पंचायत के राणाडीह मारांगबुरू पहाड़ क्षेत्र में प्रवेश कर गया। आमतौर पर रात में निकलने वाले हाथियों को दिन के वक्त गांव के इतने करीब देखकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है।

भोजन और पानी की तलाश में आबादी की ओर बढ़े कदम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगली हाथियों का यह झुंड भोजन और पानी की तलाश में घने जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ आया है। दिन के समय हाथियों के इस तरह खुलेआम विचरण करने से ग्रामीण सहम गए हैं। हाथियों की मौजूदगी की भनक लगते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए राणाडीह के साथ-साथ इसके आसपास के सभी गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।

प्रशासन और वन विभाग की ग्रामीणों से अपील:

  • ग्रामीणों से सख्त अपील की गई है कि वे अकेले जंगल, सुनसान रास्तों या खेतों की तरफ जाने से पूरी तरह बचें।
  • हाथियों के झुंड को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और न ही उन्हें किसी तरह भगाने या छेड़ने का प्रयास करें, इससे वे हिंसक हो सकते हैं।
  • वन विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षा के मद्देनजर रात के समय सतर्क रहने और मशाल व पटाखों की व्यवस्था रखने की सलाह दी है।

फसल कटाई के सीजन में बढ़ता है हाथियों का खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे इन गांवों में हर साल फसल कटने के बाद भोजन की तलाश में हाथियों का विचरण काफी ज्यादा बढ़ जाता है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग का कहना है कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से रिहाइशी इलाके से दूर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जान-माल का कोई नुकसान न हो।

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