जिला अंतर्गत समाहरणालय सभागार में मंगलवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनाके प्रभावी क्रियान्वयन एवं इसके संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम सरायकेला-खरसावां उपायुक्त के दिशा-निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धरातल पर योजना का लाभ शत-प्रतिशत योग्य महिलाओं तक समय पर पहुंचाना और तकनीकी बाधाओं को दूर करना है।
IPE Global के तकनीकी सहयोग से हुआ आयोजन
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला समाज कल्याण शाखा (सरायकेला-खरसावां), महिला एवं बाल विकास निदेशालय तथा ‘IPE Global’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिले के सभी क्षेत्रों से आईं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी , महिला पर्यवेक्षिकाएं , समाज कल्याण शाखा के कर्मी और मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे। इसके अलावा IPE Global CKD की ओर से ट्रेनिंग एंड IEC एक्सपर्ट श्री मृत्युंजय नायक ने भी शिरकत की।
पोर्टल और डेटा एंट्री के तकनीकी पहलुओं की दी गई ट्रेनिंग
समारोह के दौरान जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्रीमती अलका इंदवार एवं श्री शुभम महापात्र द्वारा उपस्थित अधिकारियों और पर्यवेक्षिकाओं को PMMVY पोर्टल के इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से लाभुकों का ऑनलाइन पंजीकरण करने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने, किस्तों के भुगतान की प्रक्रिया को ट्रैक करने, डेटा एंट्री की त्रुटियों को सुधारने और केंद्र सरकार द्वारा जारी योजना के नए दिशा-निर्देशों पर विस्तृत तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य व पोषण को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार की एक बेहद कल्याणकारी और महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने सभी सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों का निबंधन सुनिश्चित करें।
डीडीसी ने फील्ड स्तर पर IEC गतिविधियों को तेज करने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी जागरूक हो सकें और कोई भी योग्य महिला इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही उन्होंने पोर्टल पर लंबित पड़े सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया।
