झारखंड मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, कर्मचारियों के कल्याण और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने राज्य में एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा जैसी बहु-चिकित्सा प्रणालियों पर आधारित एकीकृत औषधि केंद्रों अबुआ दवाखाना की स्थापना और संचालन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, राज्य सरकार के कर्मियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से उनके महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की स्वीकृति दी गई है, जिसका सीधा लाभ 5वें, 6ठें और 7वें केंद्रीय वेतनमान वाले कर्मचारियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों को मिलेगा।
कृषि और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तीन चरणों में कुल 1.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना को मंजूरी दी गई है, जिस पर 37,012.50 लाख रुपये की लागत आएगी। साथ ही, 30 करोड़ रुपये के बजट के साथ मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन की नई योजना शुरू की जाएगी। जमीन रजिस्ट्री के नियमों में विस्थापितों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पुनर्वास नीति के तहत आवंटित भू-भाग अथवा सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई भूमि के दस्तावेजों को मुद्रांक यानी स्टांप ड्यूटी एवं निबंधन शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और मदिरा के खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक व मासिक विवरणी दाखिल करने से छूट दी गई है।
प्रशासनिक और कानूनी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए गिरिडीह के बगोदर-सरिया न्यायालय में 20 पद और पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर अनुमंडलीय न्यायालय के लिए 41 नए अधीनस्थ पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। दुमका हवाई अड्डे से उड़ान योजना के तहत नियमित हवाई सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ एकरारनामा को स्वीकृति मिली है, जबकि खूंटी के कर्रा अंचल में लोधमा-पिस्का लिंक रेल लाइन निर्माण हेतु साउथ ईस्टर्न रेलवे को भूमि हस्तांतरण का रास्ता साफ हो गया है। अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध उत्पादन की सूचना देने वालों के लिए एक नई पुरस्कार नीति के गठन को भी मंजूरी दी है।
