रांची रिंग रोड बनेगी ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर, दोनों किनारों पर साइकिल ट्रैक और सोलर लाइटिंग की तैयारी

रांची रिंग रोड बनेगी ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर, दोनों किनारों पर साइकिल ट्रैक और सोलर लाइटिंग की तैयारी

Johar News Times
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रांची, राजधानी रांची की 86 किलोमीटर लंबी छह लेन रिंग रोड को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग रिंग रोड के दोनों किनारों पर साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, ग्रीन वर्ज, सोलर लाइटिंग और सोलर रूफ विकसित करने की योजना बना रहा है। योजना के तहत सर्विस रोड के साथ करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जमीन की उपलब्धता के अनुसार दोनों किनारों पर साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ बनाए जाएंगे। साथ ही हरित पट्टी विकसित कर पूरे क्षेत्र को ग्रीन कॉरिडोर का स्वरूप दिया जाएगा।

जल्द तैयार होगा डीपीआर
पथ निर्माण विभाग कंसल्टेंट के माध्यम से प्रारंभिक सर्वे कराएगा। एलाइनमेंट तैयार होने के बाद योजना को राज्य सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। विभाग का लक्ष्य अगले एक से डेढ़ महीने में डीपीआर तैयार कर बरसात के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू करने का है।

सौर ऊर्जा से रोशन होगी रिंग रोड
योजना की प्रमुख विशेषता सौर ऊर्जा का उपयोग है। रिंग रोड के किनारे सोलर रूफ और सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिनसे उत्पन्न बिजली का उपयोग स्ट्रीट लाइटिंग और अन्य आवश्यक कार्यों में किया जाएगा। इससे ऊर्जा की बचत के साथ रात में बेहतर रोशनी भी सुनिश्चित होगी।

राज्य के प्रमुख जिलों को जोड़ती है रिंग रोड
रामपुर से ओरमांझी तक फैली यह रिंग रोड लोधमा, कर्रा, लालगुटवा, तिलता और नेवरी जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरती है। यह रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, खूंटी, गुमला और पलामू जाने वाले वाहनों के लिए बाईपास का काम करती है, जिससे रांची शहर में ट्रैफिक का दबाव कम रहता है। योजना पूरी होने के बाद रांची रिंग रोड केवल आवागमन का मार्ग नहीं रहेगी, बल्कि साइकिल ट्रैक, पैदल पथ, हरियाली और सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं से लैस एक आधुनिक ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित होगी।

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