जी7 समिट में पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी

जी7 समिट में पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी

Johar News Times
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फ्रांस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। हाल ही में ओमान के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा हैं।

जी7 सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का भारत स्वागत करता है, लेकिन क्षेत्र में जारी संघर्षों के कारण कई देशों को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार प्रभावित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान भारत के कई नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। दुनिया को समुद्री व्यापार के माध्यम से जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रहने चाहिए, ताकि नाविक बिना किसी भय के अपना कार्य कर सकें।

फ्रांस के एवियन में आयोजित शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक स्थिरता पर भी पड़ता है। ऐसे में शांति, सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी तनाव और युद्धों का स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ही संभव है। भारत ने एक बार फिर भरोसे पर आधारित साझेदारी, वैश्विक एकजुटता और सामूहिक प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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