अदालती चक्करों और लंबे समय से लंबित मुकदमों से परेशान आम जनता को मासिक लोक अदालत से बड़ी राहत मिली है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सरायकेला सिविल कोर्ट और चांडिल अनुमंडलीय न्यायालय में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान आपसी समझौते के आधार पर वर्षों पुराने मामलों का निपटारा कुछ ही घंटों में कर दिया गया।
यह पूरा आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष श्री रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन और डीएलएसए की प्रभारी सचिव श्रीमती अनामिका किस्कू के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
- कुल मामलों का निष्पादन: 132 मामले आपसी सुलह से निपटाए गए।
- अर्जित राजस्व: ₹1,08,450 की तत्काल राजस्व वसूली हुई।
- पीठों का गठन: सरायकेला और चांडिल मिलाकर कुल 10 विशेष पीठ बनाई गई थीं।
- प्रमुख विभाग: बिजली विभाग, आबकारी विभाग और माप-तौल विभाग के मामलों की रही प्रधानता।
10 पीठों ने किया त्वरित न्याय, बिजली विभाग के सर्वाधिक मामले निपटे
लोक अदालत को सुचारू रूप से चलाने के लिए 10 पीठों का गठन किया गया था, जिनमें न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता और न्यायालय के कर्मचारी शामिल थे। इस अदालत में बिजली बिल विवाद, आबकारी मामले, बैंक ऋण वसूली और चेक बाउंस से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। आपसी सहमति से सबसे ज्यादा मामलों का निपटारा विद्युत विभाग के तहत किया गया।
हर महीने के अंतिम शनिवार को मिलता है सस्ता और सुलभ न्याय
डीएलएसए की प्रभारी सचिव श्रीमती अनामिका किस्कू ने बताया:
“लंबित मामलों का बोझ कम करने और आम जनता को बिना किसी खर्च के त्वरित व सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से हर महीने इस लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसका वार्षिक कैलेंडर ‘झालसा’ द्वारा वर्ष की शुरुआत में ही जारी कर दिया जाता है।”
वादकारियों के चेहरे खिले, अगली लोक अदालत 27 जून को
लोक अदालत में पहुंचे आम लोगों और वादकारियों ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए खुशी जताई। लोगों का कहना था कि जो मामले सालों से कोर्ट के चक्कर कटवा रहे थे, वे यहाँ एक ही दिन में बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सुलझ गए। डीएलएसए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने सुलह योग्य विवादों को लोक अदालत में लाएं।
अगली मासिक लोक अदालत का आयोजन 27 जून को किया जाएगा।
