झारखंड सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों संविदा शिक्षक-कर्मियों और शैक्षणिक संसाधन कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर अब राज्य के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय समेत विभिन्न विद्यालयों के कर्मियों और बीआरपी-सीआरपी को ₹5 लाख रुपये का सामूहिक जीवन बीमा का लाभ मिलेगा।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
8,525 शिक्षक-कर्मियों को मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच
इस कल्याणकारी योजना के तहत राज्यभर के कुल 8,525 शिक्षक-कर्मियों को कवर किया जाएगा। बीमा योजना का संचालन भारतीय जीवन बीमा निगम के पेंशन एवं ग्रेच्युटी सेल, रांची के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत यदि किसी शिक्षक या कर्मी की सेवा अवधि के दौरान असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके द्वारा नामित आश्रित को ₹5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मानदेय से कटेंगे हर महीने 500 रुपये
प्रस्तावित योजना के नियमों के अनुसार, इस जीवन बीमा के प्रीमियम के तौर पर प्रत्येक लाभार्थी के मासिक वेतन या मानदेय से ₹500 रुपये की कटौती की जाएगी। कर्मियों की सुविधा के लिए प्रीमियम का भुगतान मासिक, छमाही या वार्षिक आधार पर करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
इन कर्मियों को मिलेगा योजना का लाभ:
- कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कर्मी
- झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय कर्मी
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय कर्मी
- ब्लॉक रिसोर्स पर्सन
- क्लस्टर रिसोर्स पर्सन
- रिसोर्स शिक्षक
