तेहरान: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा करते हुए सभी जहाजों को इस क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है। ईरानी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माजिद मौसवी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज क्षेत्र को असुरक्षित बनाने की कोशिश की गई तो ईरान पूरे क्षेत्र को उसके लिए “जहन्नुम” बना देगा। उन्होंने कहा, “क्या आप पवित्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को असुरक्षित बना रहे हैं? हम पूरे ईरान से इस क्षेत्र को आपके लिए जहन्नुम बना देंगे।”
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं अमेरिकी और खाड़ी देशों के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को वायु रक्षा प्रणालियों ने निष्क्रिय कर दिया और बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ईरान द्वारा इसके बंद किए जाने की घोषणा से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज होने से पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है।
