नई दिल्ली/रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल (शासी परिषद) की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की विकास प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी में शिक्षा, आंगनबाड़ी अवसंरचना, कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया गया। बैठक में बताया गया कि झारखंड सरकार बिना भवन वाले 15 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अपने संसाधनों से करा रही है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और माताओं को बेहतर पोषण, शिक्षा और देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ मॉडल की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों से बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं। इसी अनुभव के आधार पर सरकार 5,000 नए उत्कृष्ट विद्यालय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ राज्य के अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सके। कौशल विकास और रोजगार के मोर्चे पर भी झारखंड ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं। सरकार के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। वहीं ‘सारथी योजना’ के तहत अब तक 6.76 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
नीति आयोग की बैठक में झारखंड ने मानव संसाधन विकास को विकास की केंद्रीय धुरी बताते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को सामने रखा। राज्य सरकार का कहना है कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में झारखंड केवल खनिज संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि मानव पूंजी के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
