करियर गाइडेंस: 12वीं के बाद साइकोलॉजी में बनाएं शानदार भविष्य, जानें टॉप कॉलेज और स्कोप

12वीं का रिजल्ट आने के बाद देश भर के लाखों स्टूडेंट्स अपने करियर और सही कोर्स के चुनाव को लेकर उलझन में हैं।

Johar News Times
3 Min Read

12वीं का रिजल्ट आने के बाद देश भर के लाखों स्टूडेंट्स अपने करियर और सही कोर्स के चुनाव को लेकर उलझन में हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन के लिए कोर्स चुनते समय या तो हाई कट-ऑफ के पीछे भागते हैं या फिर दोस्तों और रिश्तेदारों की सलाह पर ऐसा सब्जेक्ट चुन लेते हैं जिसमें उनकी रुचि ही नहीं होती। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोर्स चुनने का यह तरीका बिल्कुल गलत है। कॉलेज या कट-ऑफ के बजाय कोर्स का चुनाव हमेशा अपनी पर्सनल रुचि के आधार पर ही करना चाहिए।

अगर आपकी दिलचस्पी इंसानी दिमाग, उसके व्यवहार और मेंटल हेल्थ को समझने में है, तो बीए ऑनर्स मनोविज्ञान (B.A. Hons Psychology) आपके लिए एक बेहद यूनीक और बेस्ट करियर ऑप्शन साबित हो सकता है।

🏛️ इन प्रमुख यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से करें पढ़ाई

बीए ऑनर्स साइकोलॉजी का कोर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के कुछ गिने-चुने और बेहद प्रतिष्ठित कॉलेजों में ही उपलब्ध है। इसके अलावा देश की अन्य सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में भी यह कोर्स काफी पॉपुलर है:

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के टॉप कॉलेज:
    • लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR)
    • जीसस एंड मैरी कॉलेज (JMC)
    • इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन (IP)
    • दौलतराम कॉलेज फॉर विमन
    • कमला नेहरू कॉलेज
    • केशव महाविद्यालय
    • जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज
    • श्री अरबिंदो कॉलेज (सांध्य)
  • अन्य टॉप संस्थान: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) से भी आप इस बेहतरीन कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं।

3 साल के कोर्स में क्या है खास?

इस 3 साल के अंडर-ग्रेजुएट प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को मनोविज्ञान के कई महत्वपूर्ण और प्रैक्टिकल पेपर्स से रूबरू होने का मौका मिलता है। इसमें ह्यूमन साइकोलॉजी (Human Psychology) के बुनियादी सिद्धांतों से लेकर काउंसलिंग, सोशल बिहेवियर और मेंटल हेल्थ से जुड़े कई बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक विषय पढ़ाए जाते हैं।

करियर और जॉब के बेहतरीन ऑप्शंस

आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को लेकर जागरूकता काफी तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते साइकोलॉजी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप इन सेक्टर्स में जा सकते हैं:

  • प्रोफेशनल साइकोलॉजिस्ट: ग्रेजुएशन के बाद हायर स्टडीज (Masters/PhD) करके आप एक सर्टिफाइड साइकोलॉजिस्ट बन सकते हैं और अपना खुद का क्लिनिक या काउंसलिंग सेंटर शुरू कर सकते हैं।
  • एजुकेशन और काउंसिलिंग सेक्टर: स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में बतौर स्टूडेंट काउंसलर और करियर गाइडेंस एक्सपर्ट के रूप में काम कर सकते हैं।
  • रिसर्च फील्ड: अगर आपकी रुचि एकेडमिक्स में है, तो ह्यूमन बिहेवियर से जुड़े नए-नए रिसर्च प्रोजेक्ट्स आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकते हैं।
  • एनजीओ (NGO) और सोशल वर्क: आजकल सोशल सेक्टर और एनजीओ में साइकोलॉजिस्ट की भारी डिमांड है। विशेष रूप से घरेलू हिंसा, शोषण या किसी बड़े मानसिक आघात (Trauma) का शिकार हुए बच्चों और महिलाओं की काउंसिलिंग और उनके व्यवहार को सुधारने के लिए इनकी सेवाएं ली जाती हैं।

Share This Article