“विश्व पर्यावरण दिवस अभियान–2026” के मद्देनजर दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल के चिकित्सा विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल परिसरों में जन-जागरूकता, सिंगल यूज़ प्लास्टिक उन्मूलन और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में रेलवे चिकित्सा विभाग की टीम ने ट्रेन संख्या 22812 नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस के वेंडरों के बीच एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया।
रेलवे अधिकारियों ने वेंडरों को सख्त निर्देश दिए कि वे ट्रेनों में 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कतई न करें। इसके साथ ही यात्रियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता और खाद्य जनित रोगों की रोकथाम के उपाय बताए गए। वेंडरों को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग अपनाने और स्वच्छ भोजन परोसने के लिए प्रेरित किया गया।
भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए बांकुड़ा में विशेष कैंप
चल रही भीषण गर्मी को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने बांकुड़ा रेलवे स्टेशन और रेलवे कॉलोनियों में मोर्चा संभाला। रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को लू से बचने के लिए जागरूक किया गया।
- काम के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस घोल का सेवन करें।
- धूप में निकलते समय सिर को हमेशा ढककर रखें।
- हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानें और तुरंत प्राथमिक उपचार लें।
आद्रा अस्पताल परिसर में हुआ वृक्षारोपण, ली गई शपथ
पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ आद्रा मंडल रेल चिकित्सालय परिसर में पौधारोपण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षकडॉ. ए.के. वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने मिलकर कई फलदार और छायादार पौधे लगाए। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ भी ली।
आद्रा स्टेशन को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए यात्रियों के बीच कपड़े के थैले बांटे गए। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर स्थित सभी स्टॉल संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे प्लास्टिक की जगह सिर्फ कागज और पत्तल के दोने-प्लेट का ही इस्तेमाल करें।
5 जून तक लगातार चलेगा अभियान: DRM मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि 5 जून यानी ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ तक आद्रा मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों, कॉलोनियों और दफ्तरों में यह अभियान जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य रेल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाना है।
