झारखंड के मनरेगा कर्मियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर है। ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके मनरेगा कर्मियों को ग्रेड-पे के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने निर्णय लिया है कि एक महीने के भीतर इसका प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा जाएगा।
इन पदों पर कार्यरत कर्मियों को होगा सीधा फायदा
ग्रेड-पे लागू होने के बाद क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मियों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा लाभ इन पदों को मिलेगा:
- ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर
- ग्राम रोजगार सेवक
- लेखा सहायक
- कंप्यूटर ऑपरेटर
- अभियंता
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस संबंध में एक सहमति पत्र भी जारी कर दिया गया है।
हड़ताल अवधि के मानदेय और आश्रितों की नौकरी पर भी विचार
बैठक में ग्रेड-पे के अलावा मनरेगा कर्मचारी संघ की अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी विस्तृत चर्चा हुई:
- कर्मियों की हड़ताल अवधि के दौरान के मानदेय भुगतान के मुद्दे पर विभाग ने पूरी समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
- सेवा के दौरान दिवंगत हुए मनरेगा कर्मियों के वैध आश्रितों को जिला स्तर पर सृजित पदों पर नियुक्ति में प्राथमिकता देने के प्रस्ताव पर विचार किया गया है। विभागीय समीक्षा के बाद इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
100 दिनों से अधिक चली हड़ताल के बाद बनी सहमति
गौरतलब है कि झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न सेवा शर्तों और मांगों को लेकर मार्च 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। यह हड़ताल 100 दिनों से भी अधिक समय तक चली, जिससे ग्रामीण विकास के कार्य काफी प्रभावित हुए थे। आखिरकार, 19 जून 2026 को सरकार और संघ के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और कर्मियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। सरकार अब उसी वार्ता में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
