सरायकेला: उपायुक्त की अगुवाई में EVM-VVPAT वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण, सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर

चुनावी पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं: DC नीतीश कुमार सिंह ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परखी वेयरहाउस की सुरक्षा।

Johar News Times
3 Min Read

निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देशानुसार सरायकेला स्थित सामुदायिक भवन में बने EVM और VVPAT वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण मंगलवार को संपन्न हुआ। यह निरीक्षण उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता और राज्य स्तरीय नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता की विशेष उपस्थिति में किया गया।

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा ऑडिट के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश समेत विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

सुरक्षा और तकनीक का हुआ गहन रिव्यू

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने वेयरहाउस की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की गहन जांच की गई:

  • वेयरहाउस के मुख्य द्वारों पर लगे डबल लॉक और सुरक्षा सील की स्थिति को परखा गया।
  • 24×7 काम कर रहे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और निगरानी प्रणाली को देखा गया।
  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता और उनकी वर्किंग कंडीशन की जांच हुई।
  • वेयरहाउस में आने-जाने वाले लोगों के प्रवेश-निकास रजिस्टर और संधारित अभिलेखों का बारीकी से मिलान किया गया।

“निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि” – उपायुक्त

निरीक्षण के बाद उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री नीतीश कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा:

“ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा सीधे तौर पर हमारी लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ी है। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों और गाइडलाइंस का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षा के हर पहलू पर 24 घंटे विशेष सतर्कता बरतें।”

वहीं, राज्य स्तरीय नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता ने वेयरहाउस प्रबंधन पर संतोष जताते हुए सुरक्षा उपकरणों की नियमित रूप से तकनीकी जांच करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन और एंट्री-एग्जिट गतिविधियों की मॉनिटरिंग में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस त्रैमासिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर मतदाताओं के विश्वास को और सुदृढ़ करना तथा सिस्टम में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना है।

Share This Article