संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक सार्वजनिक बैठक के दौरान उस समय बेहद असहज और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब इजरायल के राजदूत डैनी डैनन और यूएन अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। कूटनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए चर्चा के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि इजरायली राजदूत डैनन ने बीच में टोकने वाली एक वरिष्ठ यूएन अधिकारी को ‘चुप रहिए’ तक कह दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय गलियारों में इसकी कड़ी आलोचना और चर्चा हो रही है।
क्या है विवाद की असली वजह?
यह पूरा विवाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधियों द्वारा तैयार की गई एक हालिया रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ। इस रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों को लेकर इजरायल को ‘ब्लैकलिस्ट’ में डालने का उल्लेख किया गया है। इजरायल लंबे समय से यूएन की ऐसी रिपोर्टों को एकतरफा और पक्षपातपूर्ण बताता रहा है।
यूएन अधिकारी प्रमिला पैटन पर लगाए गंभीर आरोप
बैठक के दौरान इजरायली राजदूत डैनी डैनन ने रिपोर्ट तैयार करने वाली यूएन अधिकारी प्रमिला पैटन पर सीधा हमला बोला। डैनन ने आरोप लगाया:
“यह रिपोर्ट तथ्यों के बजाय पूरी तरह से इजरायल विरोधी पूर्वाग्रहों पर आधारित है। इसका एकमात्र उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इजरायल को निशाना बनाना है। संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारी जानबूझकर इजरायल के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं।”
जब बीच-बचाव करने उतरीं वैनेसा फ्रेजियर पर भड़के राजदूत
डैनन की व्यक्तिगत टिप्पणियों पर जब यूएन अधिकारी वैनेसा फ्रेजियर ने हस्तक्षेप किया और बैठक की कूटनीतिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए मर्यादा बनाए रखने की अपील की, तो विवाद और बढ़ गया। फ्रेजियर ने साफ किया कि रिपोर्ट सत्यापित तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बनी है।
इस पर पलटवार करते हुए डैनन ने कहा कि इजरायल एक संप्रभु सदस्य राष्ट्र है और वह यूएन अधिकारियों के दोहरे मानदंडों को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसी तीखी नोकझोंक के बीच उन्होंने फ्रेजियर को ‘चुप रहने’ की हिदायत दे डाली, जिससे हॉल में मौजूद अन्य देशों के प्रतिनिधि सन्न रह गए।
रिपोर्ट में इजरायल और हमास दोनों का नाम
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि हमास का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में संघर्ष क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई है। हालांकि, इजरायल का तर्क है कि रिपोर्ट में जमीनी हकीकत और उसकी सुरक्षा चुनौतियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
गुटेरेस और इजरायल के बीच बढ़ती खटास
यह पहली बार नहीं है जब इजरायल का संयुक्त राष्ट्र के साथ टकराव हुआ हो। इजरायल लगातार यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा संघर्ष के बाद से दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक दूरियां और कड़वाहट चरम पर पहुंच गई हैं।
