डीसी के निरीक्षण के बाद अस्पताल शुरू होने की उम्मीद बढ़ी

डीसी के निरीक्षण के बाद अस्पताल शुरू होने की उम्मीद बढ़ी

Johar News Times
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डुमरिया के भालुकपातड़ा मौजा स्थित 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 30 बेड वाले अस्पताल को लेकर 17 जून को प्रकाशित ‘बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से नहीं चालू हो रहा दस करोड़ लागत से बना अस्पताल’ शीर्षक समाचार का असर गुरुवार को देखने को मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त राजीव रंजन और उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने अस्पताल भवन का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी निलेश कुमार मुर्मू, अंचल अधिकारी पवन कुमार तथा प्रमुख गंगामनी हांसदा भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल का विस्तृत जायजा लेते हुए वार्डों सहित विभिन्न सुविधाओं और उपलब्ध अधोसंरचना की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख गंगामनी हांसदा ने भवन की कुछ दीवारों में दरार होने का मुद्दा उठाते हुए निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया। इस पर उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि दीवारों पर दिख रहे निशान मामूली हैं और इससे भवन की गुणवत्ता या उपयोगिता पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन सभी आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित है।

अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में स्थापित 200 केवीए ट्रांसफार्मर और जेनरेटर सेट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि अस्पताल को शुरू करने के लिए केवल बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने विद्युत आपूर्ति के लिए 95 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सौंपा है, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिलने के कारण अस्पताल चालू नहीं हो सका है।

बिजली आपूर्ति में हो रही देरी और फंड की उपलब्धता के संबंध में पूछे गए सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुराने अस्पताल भवन से नए भवन में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उपायुक्त के निरीक्षण के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस अस्पताल का संचालन शीघ्र शुरू होगा और डुमरिया तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

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