कुमड़ाशोल मेला में कथित मांस बिक्री को लेकर तनाव, प्रशासन की पहल से टला विवाद

कुमड़ाशोल मेला में कथित मांस बिक्री को लेकर तनाव, प्रशासन की पहल से टला विवाद

Johar News Times
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डुमरिया के कुमड़ाशोल मेला में कथित प्रतिबंधित मांस की बिक्री के आरोप को लेकर गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब फुटबॉल मैदान की जमीन के रैयतों ने ग्रामीणों के सहयोग से मैदान के बीचों-बीच सीमेंट के पिलर गाड़ दिए, जिससे चल रही फुटबॉल प्रतियोगिता बाधित हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही डुमरिया थाना के अवर निरीक्षक प्रदीप खलको और निरा तिग्गा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी रोहित कुमार रजवाड़ा, अंचल अधिकारी पवन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी निलेश कुमार मुर्मू, मुसाबनी इंस्पेक्टर, डुमरिया थाना प्रभारी पंचम तिग्गा, मुसाबनी थाना प्रभारी अनुज कुमार तथा गुड़ाबांदा थाना प्रभारी सुमित कुमार यादव भी घटनास्थल पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अंचल अधिकारी और डीएसपी ने सुझाव दिया कि 22 जून को फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन तक मैदान में लगाए गए पिलर हटा दिए जाएं। दोनों पक्षों की सहमति के बाद पिलरों को अस्थायी रूप से हटा दिया गया और स्थिति सामान्य हुई।

कथित मांस बिक्री को लेकर उठा विवाद

जानकारी के अनुसार, भालुकपातड़ा के कुछ युवकों ने आरोप लगाया कि बुधवार को मेला क्षेत्र के मुर्गा पाड़ा परिसर में कथित प्रतिबंधित मांस की बिक्री की जा रही थी। युवकों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन आयोजन समिति के कुछ लोगों ने उसे वहां से भगा दिया। इस दौरान धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली कथित टिप्पणियों की भी चर्चा सामने आई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। हालांकि, फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजन समिति ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया और न ही ऐसी कोई घटना हुई है।

प्रतियोगिता के बाद जमीन पर निर्माण को लेकर सहमति

फुटबॉल मैदान की जमीन के रैयत कार्तिक साव, धर्मेंद्र साव और भास्कर साव सहित अन्य लोगों ने कहा कि मैदान उनकी निजी जमीन है, जिस पर फिलहाल अस्थायी रूप से प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने अपनी जमीन पर अधिकार जताते हुए पिलर लगाए थे।

प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। रैयतों ने सहमति दी कि फुटबॉल प्रतियोगिता समाप्त होने तक पिलर हटाए रहेंगे। वहीं आयोजन समिति ने भी स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता खत्म होने के बाद रैयत अपनी जमीन पर जो भी निर्माण कार्य करना चाहें, उस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कथित मांस बिक्री के मामले में शामिल व्यक्ति की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और क्षेत्र में शांति बहाल कर दी गई।

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