Jharkhand SIR 2026: मतदाता गणना के दौरान नहीं देना होगा कोई दस्तावेज, अफवाहों पर विराम लगाते हुए चुनाव आयुक्त ने दूर किया भ्रम

मतदाता गणना और मैपिंग के दौरान किसी भी आम नागरिक या मतदाता से कोई भी दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।

Johar News Times
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झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण -2026 के तहत चल रहे मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने साफ किया है कि मतदाता गणना और मैपिंग के दौरान किसी भी आम नागरिक या मतदाता से कोई भी दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। एन्यूमरेशन फेज में मतदाताओं को केवल भरा हुआ व हस्ताक्षरित फॉर्म और अपनी एक हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ही जमा करनी होगी।

सफल मैपिंग वाले मतदाताओं को बड़ी राहत

सीईओ के. रवि कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं ने खुद की या अपने माता-पिता के नाम की पूर्व SIR मतदाता सूची से सफलतापूर्वक मैपिंग पूरी कर ली है, उन्हें किसी भी तरह का अतिरिक्त दस्तावेज देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनका नाम सीधे आगामी प्रारूप मतदाता सूची में प्रकाशित कर दिया जाएगा।

नाम में गड़बड़ी होने पर भी नहीं कटेगा नाम

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं की मैपिंग में कोई विसंगति रह गई है या प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, उनके नाम भी मतदाता सूची से हटाए नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें भी प्रारूप सूची में शामिल किया जाएगा। इसके बाद ईआरओ , एईआरओ और बीएलओ खुद सरकारी रिकॉर्ड का मिलान करके उन त्रुटियों को सुधारने का प्रयास करेंगे।

महत्वपूर्ण तारीखें और प्रक्रिया :

  • 30 जून से 29 जुलाई 2026: इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर पहले से भरे हुए व्यक्तिगत एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण करेंगे और मतदाताओं से हस्ताक्षरित फॉर्म वापस प्राप्त करेंगे। इस दौरान किसी भी आईडी या दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।
  • दस्तावेज केवल उन्हीं गिने-चुने मतदाताओं से मांगे जाएंगे, जिन्हें 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 के बीच सत्यापन अवधि में ईआरओ द्वारा बाकायदा नोटिस जारी किया जाएगा। आयोग के मुताबिक ऐसे मामलों की संख्या बेहद कम होगी।

झारखंड में 79.73% मतदाताओं की मैपिंग पूरी

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 14 जून 2026 तक राज्य के कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ (यानी लगभग 79.73 प्रतिशत) मतदाताओं की स्वयं अथवा अभिभावक आधारित मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सीईओ ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं और चुनाव आयोग की इस पारदर्शी प्रक्रिया में सहयोग करें।

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