धनबाद: देश में उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में बीसीसीएल ने बड़ा कदम उठाया है। लगभग 62 लाख टन प्राइम कोकिंग कोयले के भंडार वाली अमलाबाद भूमिगत खदान परियोजना को जल्द शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। अगले 25 वर्षों तक उत्पादन क्षमता वाली यह परियोजना घरेलू स्टील उद्योग के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। बुधवार को बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने पूर्वी झरिया क्षेत्र का दौरा कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पर्यावरणीय स्वीकृति समेत सभी वैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने तथा राजस्व साझेदारी मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना को तय समयसीमा में शुरू करने का निर्देश दिया।
सीएमडी ने अमलगामेटेड भौरा नॉर्थ-साउथ के सी-2 हायर्ड पैच और एएसपी कोलियरी के फायर पैच का भी निरीक्षण किया। मानसून को देखते हुए उन्होंने जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने, पंपिंग क्षमता बढ़ाने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों के साथ गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन पर जोर दिया।
सुदामडीह साइडिंग में कोयला लोडिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रतिदिन 2.5 रेक लोडिंग क्षमता हासिल करने तथा रेलवे की अतिरिक्त लाइन का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सीएमडी ने कहा कि सुरक्षा, उत्पादन और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाकर ही वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से टीम भावना के साथ काम कर बीसीसीएल को उत्पादन और डिस्पैच के नए मुकाम तक पहुंचाने का आह्वान किया।
