रांची: झारखंड को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के पहले चरण में करीब 600 करोड़ रुपये की सड़क योजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया है और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पहली दौर की बैठक भी हो चुकी है। अब अगली बैठक में झारखंड की सड़क परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत राज्य को कुल 319 सड़क परियोजनाएं मिलने की संभावना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 600 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार प्रति किलोमीटर सड़क निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
एसटी-एससी बहुल क्षेत्रों को मिलेगी पहली प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने इस चरण में सड़क निर्माण के लिए विशेष प्राथमिकताएं तय की हैं। इसके तहत सबसे पहले अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) बहुल क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। जिन इलाकों में एसटी आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक तथा एससी आबादी 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही पहले 1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर जोर होगा। इसके बाद 500 और फिर 250 आबादी वाले गांवों को योजना में शामिल किया जाएगा।
स्कूलों और अस्पतालों तक बेहतर पहुंच बनाने पर फोकस
इस बार योजना का उद्देश्य सिर्फ गांवों को जोड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाना भी है। चयनित सड़कों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों को स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों से जोड़ा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिले और मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने में परेशानी न हो। राज्य सरकार का कहना है कि सामाजिक जरूरतों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सड़क योजनाओं का चयन किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
