कोलकाता: बंगाल के ढांचागत विकास और तटीय बुनियादी ढांचे को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। नवान्न में तटीय और नदी क्षेत्रों के विकास को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ताजपुर में प्रस्तावित ‘डीप सी पोर्ट’ परियोजना को व्यावहारिक कारणों से रद्द कर दिया गया है। अब इसकी जगह ताजपुर से महज 10 किलोमीटर दूर ददनपात्रबार में नया बंदरगाह विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ताजपुर में इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं थी। भूमि की इसी कमी के चलते पूर्व में अदाणी समूह भी इस परियोजना से पीछे हट गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने इस विषय पर अदाणी समूह और केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से विस्तृत चर्चा की है। चूंकि ददनपात्रबार में सरकार के पास खुद की 1700 एकड़ जमीन मौजूद है, इसलिए भूमि अधिग्रहण की कोई समस्या नहीं होगी। केंद्र की अनुमति के बाद अब हम इस नयी और व्यावहारिक योजना पर आगे बढ़ रहे हैं।”
कोलकाता में जल्द दौड़ेगी ‘वाटर मेट्रो’
इस उच्च स्तरीय बैठक में बंगाल के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए कई और क्रांतिकारी फैसले लिए गए:
- मुख्यमंत्री ने बंगाल वासियों को बड़ी सौगात देते हुए बताया कि कोलकाता जल्द ही देश के ‘वाटर मेट्रो’ नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। देश में फिलहाल 17 जगहों पर यह सेवा चल रही है, और कोलकाता इसका 18वां केंद्र बनेगा।
- पिछली सरकार की नीतियों के विपरीत, शुभेंदु सरकार ने केंद्र की महात्वाकांक्षी ‘सागरमाला-2’ परियोजना में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके तहत अगले 5 वर्षों के लिए 22,700 करोड़ रुपये का एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
- इस भारी-भरकम बजट से सागर, काकद्वीप, नामखाना, नयाचर और खजुरी से लेकर ओडिशा सीमा तक तटीय संपर्क को मजबूत किया जाएगा और मछली पकड़ने के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।
