इबोला का बढ़ा खौफ: WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी; 900 से ज्यादा केस, भारत में हाई अलर्ट और एडवाइजरी जारी

कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब दुनिया पर इबोला वायरस (Ebola Virus) का खतरा मंडराने लगा है।

Johar News Times
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कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब दुनिया पर इबोला वायरस (Ebola Virus) का खतरा मंडराने लगा है। अफ्रीकी देशों में इबोला के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (Global Health Emergency) घोषित कर दिया है।

इस बार इबोला का बेहद दुर्लभ और खतरनाक ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo Strain) फैल रहा है, जिसकी फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या पक्का इलाज मौजूद नहीं है। इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।

तेजी से पैर पसार रहा है वायरस: 900 से ज्यादा मामले, कई मौतें

WHO और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं:

  • कुल संदिग्ध मामले: 900 से ज्यादा (कांगो में अकेले 904 संदिग्ध केस)
  • पुष्ट मामले (Confirmed Cases): 101 से अधिक
  • मौतें: अब तक 119 संदिग्ध और 10 पुष्ट मरीजों की मौत हो चुकी है।
  • युगांडा में स्थिति: 24 मई तक युगांडा में भी 5 पुष्ट मामले और 1 मौत दर्ज की जा चुकी है।

चिंता की बात: WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस के मुताबिक, इस प्रकोप का केंद्र कांगो का ‘इटुरी प्रांत’ है, जहां करीब 50 लाख लोग पहले से ही आपसी संघर्ष और अस्थिरता के बीच रह रहे हैं। वायरस अब समुदायों के भीतर (Local Transmission) फैल रहा है।

भारत में हाई अलर्ट: एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग और एडवाइजरी जारी

राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार ने एहतियातन कड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की है:

  • यात्रियों के लिए नियम: कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
  • लक्षण दिखने पर तुरंत रिपोर्ट: यदि किसी यात्री को बुखार, उल्टी, सिरदर्द, असामान्य ब्लीडिंग जैसे लक्षण हैं, या वे किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं, तो उन्हें इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स (APHO) को सूचित करना होगा।
  • यात्रा न करने की सलाह: सरकार ने नागरिकों को फिलहाल कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

राज्यों की तैयारी: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष सतर्कता

केंद्र की एडवाइजरी के बाद राज्यों ने भी अपनी कमर कस ली है:

  • आंध्र प्रदेश: स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि राज्य का मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए क्वारंटीन और लैब की तैयारियां पूरी हैं।
  • तमिलनाडु: तमिलनाडु सरकार ने भी हवाई अड्डों (Airports), बंदरगाहों (Seaports) और सरकारी अस्पतालों में निगरानी और सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं।

क्या है बुंडीबुग्यो स्ट्रेन

यह इबोला वायरस का एक अत्यंत दुर्लभ और संक्रामक स्ट्रेन है। एक्सपर्ट्स की चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली इबोला वैक्सीन इस स्ट्रेन पर बेअसर साबित हो रही हैं और इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में केवल जल्द पहचान और आइसोलेशन ही इससे बचने का एकमात्र तरीका है।

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