झारखंड में जारी भीषण गर्मी और जानलेवा लू के थपेड़ों को देखते हुए सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्य सरकार से मिले निर्देशों के आलोक में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिले की पेयजल व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तुरंत चुस्त-दुरुस्त करने का कड़ा आदेश जारी किया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि चिलचिलाती धूप में आम लोगों को पानी के लिए न तरसना पड़े, इसके लिए सभी सरकारी कार्यालयों, सरकारी व निजी अस्पतालों, बस स्टैंडों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ और ठंडे पेयजल की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
पीएचईडी विभाग को 48 घंटे की डेडलाइन
ग्रामीण इलाकों में पानी के संकट को दूर करने के लिए उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। डीसी ने कहा कि गांवों में जितने भी चापाकल खराब पड़े हैं, उन्हें अगले 48 घंटे के अंदर हर हाल में मरम्मत कर चालू किया जाए। वहीं, शहरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत वाले इलाकों में नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में विशेष तैयारी, 24 घंटे काम करेगी हेल्पलाइन
जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि लू की चपेट में आने वाले मरीजों के तत्काल इलाज के लिए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस समेत सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं। आपात स्थिति के लिए अस्पतालों में बेड भी आरक्षित रखे गए हैं। किसी भी आकस्मिक मदद या जानकारी के लिए जिला प्रशासन की हेल्पलाइन नंबर 1077 को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है।
जिला प्रशासन की एडवाइजरी: लू से बचने के लिए क्या करें?
- हाइड्रेटेड रहें: प्यास न भी लगी हो, तब भी पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करते रहें।
- सही पहनावा: घर से बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, धूप का चश्मा लगाएं और सिर को छाते या तौलिये से ढककर रखें।
- पीक आवर्स से बचें: दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक की तेज धूप में बहुत जरूरी न होने पर बाहर निकलने से बचें।
- लापरवाही न बरतें: चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसी स्वास्थ्य समस्या होने पर घरेलू इलाज के भरोसे न रहें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र का रुख करें।
