झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान लोकनृत्य ‘छऊ’ का एक अनूठा रूप जल्द ही सरायकेला में देखने को मिलेगा। चांडिल प्रखंड के रसुनिया गांव में सार्वजनिक रोहिन मेला कमेटी के तत्वावधान में आगामी 28 मई 2026 (गुरुवार) को रात 10 बजे से एक विराट ‘महिला छऊ नृत्य’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी इस पारंपरिक उत्सव को लेकर इलाके के ग्रामीणों और खेल-कला प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पुरुलिया की दो शीर्ष महिला टीमों के बीच होगी सीधी टक्कर
इस वर्ष के आयोजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की दो सबसे चर्चित और पुरस्कार विजेता महिला छऊ पार्टियां हिस्सा ले रही हैं। इनके बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है:
- मानभूम महिला नृत्य अकादमी: इस टीम का नेतृत्व उस्ताद परी सहिस और रिया सहिस कर रहे हैं।
- जिलिंग सबर पाड़ा विरांगना महिला छऊ नृत्य पार्टी: विलुप्तप्राय आदिम जनजाति सबर समुदाय की महिलाओं की यह विशेष टीम है, जिसका संचालन उस्ताद मालारानी एवं पार्वती सबर कर रही हैं।
“यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी विलुप्त होती जा रही सबर जनजाति की महिलाओं की कला को वैश्विक मंच देने का एक साझा प्रयास है।” — सार्वजनिक रोहिन मेला कमेटी, रसुनिया
कृषि और आस्था से जुड़ा है ‘रोहिन पर्व’
आयोजकों ने बताया कि रोहिन पर्व झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण कृषि आधारित लोक उत्सव है। ज्येष्ठ महीने के रोहिणी नक्षत्र के प्रवेश के साथ ही किसान अच्छी बारिश और उन्नत फसल की कामना करते हैं। इसी खुशी और लोक आस्था को प्रकट करने के लिए हर साल पारंपरिक मेलों और छऊ नृत्य का आयोजन किया जाता है।
कमेटी ने की शांति और सहयोग की अपील
कार्यक्रम की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। दर्शकों के बैठने, बड़े मंच, भव्य लाइट और साउंड सिस्टम की व्यवस्था पूरी मुस्तैदी से की जा रही है। आयोजन समिति ने चांडिल प्रखंड सहित पूरे सरायकेला-खरसावां जिले के लोगों से अपील की है कि वे सपरिवार और मित्रों के साथ आकर इस अद्भुत महिला छऊ नृत्य का आनंद उठाएं और कार्यक्रम को शांतिपूर्वक सफल बनाने में सहयोग करें।
