सरयू रॉय ने रेल सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर रेलवे प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने घोषणा की कि यदि 27 मई को चक्रधरपुर-खड़गपुर जोन के महाप्रबंधक टाटानगर जंक्शन रेल्वे स्टेशन आते हैं तो रेल यात्री संघर्ष समिति उनका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जीएम टाटानगर नहीं आते हैं तो समिति के सदस्य Kolkata जाकर उनके कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
घाटशिला रेलवे स्टेशन के सामने आयोजित रेल यात्री संघर्ष समिति के हस्ताक्षर अभियान में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सरयू राय ने कहा कि ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से आम यात्री परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि रेलवे प्रशासन इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में शायद ही कोई ऐसा दिन रहा हो जब ट्रेनें पांच घंटे से कम विलंब से चली हों। मेमू ट्रेनें भी दो से तीन घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे नौकरीपेशा लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ट्रेन लेट होने के कारण किसी की नौकरी चली जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
सरयू राय ने कहा कि रेलवे केवल मालगाड़ियों से खनिज संपदा ढोने में व्यस्त है, जबकि यात्रियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि टाटानगर में 2017 से जिन इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को पूरा होना था, वे अब तक अधूरे हैं। यहां तक कि वंदे भारत ट्रेन भी समय पर नहीं चल पा रही है।कार्यक्रम में रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि जब तक ट्रेनें समय पर नहीं चलेंगी, आंदोलन जारी रहेगा। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और रेलवे व्यवस्था में सुधार की मांग की।
