सरायकेला: Jharkhand के सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड स्थित कुशपुतुल सिरका (बड़तल) रोड किनारे बसे गांव में शनिवार देर रात जंगली हाथी के घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब दलमा जंगल क्षेत्र से भटककर एक हाथी अचानक आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। हाथी को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी गांव के पास काफी देर तक घूमता रहा। इस दौरान वन विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थिति बिगड़ती देख गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। टॉर्च की रोशनी, ढोल-नगाड़े और शोर मचाकर काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया। हालांकि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कुशपुतुल समेत आसपास के इलाकों को हाथी संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। लोगों ने नियमित रात्रि गश्ती, सोलर फेंसिंग, ड्रोन निगरानी और फसल नुकसान पर त्वरित मुआवजा की मांग उठाई है।
स्थानीय समाजसेवी समीर कुमार महतो ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें और हाथियों की गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है और क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखा गया है। गौरतलब है कि नीमडीह, चांडिल और ईचागढ़ क्षेत्र हर साल हाथी-मानव संघर्ष की समस्या से जूझते रहे हैं।
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