धनबाद : बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र स्थित अंगारपथरा कोलियरी के डेंजर जोन कांटा पहाड़ी में भू-धंसान की घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गुरुवार रात जमीन फटने जैसी आवाज के साथ सड़क और कई घरों में दरारें पड़ गईं, जो शुक्रवार तक और चौड़ी हो गईं। ग्रामीणों ने अवैध कोयला खनन को हादसे की वजह बताते हुए बीसीसीएल प्रबंधन पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि रात-दिन अवैध माइनिंग चल रही है, लेकिन प्रशासन चुप है। डर के कारण कई परिवार पूरी रात जागते रहे और सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाने लगे।
सूचना पर पहुंचे बीसीसीएल अधिकारियों का ग्रामीणों ने घेराव कर विरोध किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अवैध खनन बंद नहीं हुआ और सुरक्षित पुनर्वास नहीं मिला तो कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग जाम किया जाएगा।घटना के करीब 18 घंटे बाद बीसीसीएल हाईवा और जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। सीआईएसएफ और अंगारपथरा पुलिस की मौजूदगी में दरारों और अवैध उत्खनन स्थल की मिट्टी व ओबी से भराई शुरू की गई।
बीसीसीएल के एरिया सुरक्षा अधिकारी संजय चौधरी ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीजीएमएस और बीसीसीएल पहले ही इलाके को डेंजर जोन घोषित कर चुके हैं और कई बार खाली करने का नोटिस दिया गया था। कांटा पहाड़ी में करीब 100 घरों में 500 लोग रहते हैं। भू-धंसान की चपेट में राजेश पंडित, राजकुमार पासवान, गायत्री देवी, संगीत देवी, रंजीत सिंह, लखन सिंह और कुंती देवी समेत कई परिवारों के घर आ गए हैं।
