54 करोड़ पानी में! खरसावां-रडगांव सड़क 4 साल में ही बनी ‘हादसों का हाईवे’, विधायक दशरथ गागराई ने किया मुआयना

सड़क है या पाताल? खरसावां-रडगांव मार्ग पर 54 करोड़ की लागत 'गड्ढों' में तब्दील।

Johar News Times
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सरायकेला-खरसावां जिले को टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) से जोड़ने वाली लाइफलाइन मानी जाने वाली खरसावां-रडगांव मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। करीब 30 किलोमीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और सड़क से उड़ती धूल ने राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। इस बीच, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने सड़क का औचक निरीक्षण किया और लोगों को जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया।

रायजामा घाटी बनी ‘सड़क दुर्घटना’ का केंद्र

इस मार्ग पर पड़ने वाली रायजामा घाटी फिलहाल सबसे खतरनाक जोन बन चुकी है। घाटी के पास सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हो गए हैं कि यहाँ अक्सर बड़े वाहन फंस जाते हैं। सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है और गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। सबसे बुरा हाल दोपहिया वाहन चालकों का है; ब्रेक लगाते ही गाड़ियां फिसल रही हैं, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। बता दें कि खरसावां से रांची, बुंडू, तमाड़ जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी लाइफलाइन का इस्तेमाल करते हैं।

4 साल में ही उखड़ी 54 करोड़ की सड़क, उठे सवाल

जानकारी के मुताबिक, खरसावां से रडगांव तक सड़क के चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार पर लगभग 54 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी। वर्ष 2012-13 में इस सड़क को आरईओ से पथ निर्माण विभाग को ट्रांसफर किया गया था। निर्माण कार्य 2014-15 में शुरू होकर 2021-22 में पूरा हुआ। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि महज 4 साल के भीतर ही यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई और ओवरलोड वाहनों के बेधड़क परिचालन ने सड़क को समय से पहले ही बर्बाद कर दिया।

बीमार कर रही है उड़ती धूल, रास्ता बदलने को मजबूर लोग

सड़क टूटने की वजह से यहाँ से गुजरने वाली गाड़ियों के पीछे धूल का गुबार उठता है। सड़क किनारे बसे गांवों के लोग आंख और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जर्जर सड़क के खौफ से लोगों ने अब अपना रास्ता ही बदल लिया है। रांची जाने वाले लोग अब खरसावां से सरायकेला, कांड्रा और चौका होकर जाने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें 50 से 55 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।

विधायक दशरथ गागराई ने कहा- प्रक्रिया शुरू, जल्द बनेगी सड़क

जर्जर सड़क का जायजा लेने पहुंचे खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने ग्रामीणों की समस्याओं को जायज ठहराया। उन्होंने कहा, “सड़क की खराब स्थिति से जनता को भारी परेशानी हो रही है। मैंने इस मुद्दे को दो बार विधानसभा में प्रमुखता से उठाया है, जिस पर सरकार ने संज्ञान लिया है।”

विधायक ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क की मरम्मत और राइडिंग क्वालिटी सुधार कार्य को मंजूरी मिल चुकी है। वर्तमान में विभागीय स्तर पर डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही योजना को अंतिम स्वीकृति मिलेगी, धरातल पर मरम्मत का काम तेजी से शुरू करा दिया जाएग

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