रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। रिम्स के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने पलामू की रहने वाली एक 35 वर्षीय महिला की अत्यंत जटिल ओपन हार्ट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। राहत की बात यह है कि इस महंगे और पेचीदा इलाज के लिए मरीज के परिजनों को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा; पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया।
क्या थी मरीज की स्थिति?
पलामू की यह महिला पिछले काफी समय से लगातार बुखार, सांस फूलने और दिल की धड़कनें तेज होने की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। जब वह रिम्स पहुंची, तो डॉक्टरों ने उसकी गहन जांच की। जांच में सामने आया कि महिला इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस नामक दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इस संक्रमण की वजह से उसके दिल का माइट्रल वाल्व लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका था, जिससे उसकी जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
हाई-रिस्क सर्जरी और डॉक्टरों की मुस्तैदी
महिला की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। शुरुआत में मरीज को हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया और फिर ओपन हार्ट सर्जरी शुरू की गई।
- डॉक्टरों ने सबसे पहले दिल के संक्रमित ऊतकों को बेहद सावधानी से हटाया।
- इसके बाद, पूरी तरह खराब हो चुके प्राकृतिक माइट्रल वाल्व की जगह एक कृत्रिम वाल्व का सफल प्रत्यारोपण किया गया।
इन डॉक्टरों की टीम को मिली कामयाबी
यह जटिल ऑपरेशन CTVS विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज बोदरा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सर्जरी की कमान डॉ. राकेश चौधरी ने संभाली। इस बड़ी कामयाबी में रिम्स की एनेस्थीसिया टीम, आईसीयू स्टाफ और नर्सिंग टीम ने भी बैकबोन की तरह काम किया। डॉक्टरों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
रिम्स की इस सफलता पर परिजनों ने डॉक्टरों और सरकार की आयुष्मान योजना का आभार जताया है, जिसने गरीब परिवार को इस बड़े संकट से उबार लिया।
