रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमले की साजिश दुबई में रची गई थी और लोहरदगा निवासी अमन अंसारी को आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था। जांच में उसका संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों से सामने आया है।
फरार आरोपी सैफ अंसारी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों अमन अंसारी, सैफ अंसारी और अयान खान से पूछताछ जारी है। इसी दौरान सैफ अंसारी कोतवाली थाना के बाथरूम के वेंटिलेटर से फरार हो गया। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसका पीछा किया और मांडर टोल प्लाजा के पास बस से उसे पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
दुबई से मिलता था टास्क, वीडियो भेजने का निर्देश
जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने वाला शाहबाज आलम उर्फ भट्टी इस साजिश का मुख्य सूत्रधार है। पुलिस के अनुसार, भट्टी और राना हुसैन दुबई से रहकर आईएसआई और टीटीएच नामक संगठन के लिए काम करते हैं। इन्हीं लोगों ने अमन अंसारी को हमले का जिम्मा सौंपा था। पूछताछ में अमन ने बताया कि हमले के दौरान वह पेट्रोल बम फेंक रहा था, जबकि सैफ अंसारी पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। बाद में यह वीडियो दुबई में बैठे भट्टी को भेजा गया।
दुबई में हुई थी भट्टी से मुलाकात
पुलिस जांच में पता चला है कि अमन अंसारी दुबई में एसी तकनीशियन के रूप में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात भट्टी से हुई थी। जनवरी में वीजा समाप्त होने के बाद वह भारत लौट आया, लेकिन लगातार उसके संपर्क में बना रहा। जांच एजेंसियां अमन के बैंक खातों में विदेश से आए पैसों की भी पड़ताल कर रही हैं।
हथियार तस्करी के लिए अमृतसर भेजा गया था
अमन ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि हमले से एक सप्ताह पहले उसे हथियार तस्करी के उद्देश्य से अमृतसर भेजा गया था। वहां से लौटने के बाद वह लोहरदगा आया और फिर सैफ के साथ रांची पहुंचकर आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाया। उसने बताया कि शुरुआत में केवल एक पेट्रोल बम फेंकने की योजना थी, लेकिन पहला बम दीवार से टकराकर बेअसर हो गया, जिसके बाद दूसरा पेट्रोल बम फेंका गया।

भट्टी के नेटवर्क की तलाश में पुलिस
जांच में भट्टी के लिए काम करने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। झारखंड में उसके संपर्कों की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान अमन और सैफ को रांची रेलवे स्टेशन की ओर जाते देखा गया था। इसी आधार पर दोनों को कोडरमा से गिरफ्तार किया गया और सड़क मार्ग से रांची लाया गया। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
