रांची: झारखंड सरकार राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब केवल पीजी मेडिकल छात्रों ही नहीं, बल्कि एमबीबीएस में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों से भी प्रवेश के समय 10 वर्ष का बॉन्ड भरवाया जाएगा।
10 साल तक राज्य की सेवा करनी होगी
प्रस्ताव के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को करीब 10 वर्षों तक झारखंड सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा रहना होगा। इस अवधि में पीजी की पढ़ाई भी राज्य के भीतर ही करने का प्रावधान रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा एसओपी
स्वास्थ्य विभाग इस व्यवस्था को लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इसे जल्द लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है।
सुदूर क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस कदम से राज्य के ग्रामीण, सुदूर और पिछड़े इलाकों में लंबे समय से बनी डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और जरूरतमंद क्षेत्रों में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध कराना है।
