गिरिडीह में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और विनियम 2011 के तहत खाद्य कारोबारियों को फूड लाइसेंस या पंजीकरण लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस कारोबार संचालित करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने मंगलवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के फरसटैक कार्यक्रम के तहत मातृत्व एवं शिशु इकाई चैताडीह में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रशिक्षण में 220 खाद्य कारोबारियों और फूड हैंडलर्स ने हिस्सा लिया। वहीं, 13 मई को साहू धर्मशाला, राजधनवार में भी इसी तरह का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान एफएसएसएआई के सूचीबद्ध प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह ने खाद्य व्यवसाय संचालकों को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस, गुड हाइजीनिक प्रैक्टिस, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। इनमें खाद्य विषाक्तता, संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोग, सुरक्षित भंडारण, खाद्य रंग, पैकेजिंग सामग्री, व्यक्तिगत स्वच्छता, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, पेयजल मानक, कीट नियंत्रण, परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और मिसब्रांडिंग से बचने की सलाह दी। कार्यक्रम में 360 रिसर्च फाउंडेशन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अमित कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल कुमार, शुभम कुमार तथा खाद्य सुरक्षा कार्यालय गिरिडीह के मो. वसीम अकरम और मनीष कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।
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