उत्पाद सिपाही पेपर लीक: सोनू और मोनू की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली, कोर्ट ने फिर मांगी अपडेटेड केस डायरी

"उत्पाद सिपाही पेपर लीक: पुलिस नहीं सौंप पाई केस डायरी, आरोपित सोनू-मोनू की गिरफ्तारी पर रोक जारी।"

Johar News Times
3 Min Read

झारखंड के बहुचर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के आरोपित सोनू शर्मा और मोनू कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को रांची की अदालत में सुनवाई टल गई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान केस के अनुसंधानकर्ता कोर्ट में पेश तो हुए, लेकिन वे अपडेटेड केस डायरी प्रस्तुत नहीं कर सके।

इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने पुलिस को हर हाल में अगली तारीख तक केस डायरी दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है। वहीं, कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की पीड़क कार्रवाई (गिरफ्तारी आदि) पर लगी अंतरिम रोक को अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया है।

जांच अधिकारी ने मांगा समय, कोर्ट की सख्त हिदायत

सुनवाई के दौरान अनुसंधानकर्ता ने कोर्ट से डायरी जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार तो कर लिया, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने की हिदायत दी। गौर करने वाली बात यह है कि पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने केस डायरी तलब की थी, लेकिन पुलिस उसे पेश करने में नाकाम रही थी।

166 लोग हुए थे गिरफ्तार, सॉल्वर गैंग से जुड़ा है पूरा खेल

यह पूरा मामला उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में संगठित पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा है। पुलिस ने इसी साल 11 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में एक बड़े ठिकाने पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने मौके से कुल 166 लोगों को हिरासत में लिया था।

गिरफ्तार लोगों में इस अंतरराज्यीय गिरोह के 5 मुख्य सरगना भी शामिल थे, जिनके नाम अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद हैं।

अर्धनिर्मित मकान में रटवाए जा रहे थे उत्तर

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि गिरोह के सदस्यों ने परीक्षार्थियों को रड़गांव के एक अर्धनिर्मित भवन (आधे बने मकान) में बंधक जैसी स्थिति में रखा था। वहां अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और ओरिजिनल एडमिट कार्ड अपने कब्जे में लेकर उन्हें परीक्षा के संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। इस सिंडिकेट को लेकर तमाड़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच जारी है।

अब तक का बेल स्टेटस: इस बड़े सिंडिकेट मामले में अब तक 160 आरोपितों को अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि 6 मुख्य आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं।

Share This Article