द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ मंदिर आने वाले देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘शीघ्र दर्शनम’ व्यवस्था को और अधिक सुगम व व्यवस्थित बनाने की तैयारी तेज कर दी है। मंदिर परिसर में करीब 70 लाख रुपये की लागत से एक नया फुट ओवरब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे भक्तों को कम समय में आसानी से बाबा के दर्शन हो सकेंगे।
प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला और भादो मेला शुरू होने से पहले इस नई वीआईपी दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह चालू कर देना है। जानकारी के अनुसार, इस फुट ओवरब्रिज के निर्माण कार्य का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है और जुलाई महीने तक इसे श्रद्धालुओं के लिए खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भीड़ और अव्यवस्था से मिलेगी मुक्ति, यह होगा नया रूट
वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो, ‘शीघ्र दर्शनम’ की कतार प्रशासनिक भवन के ओवरब्रिज से होकर लक्ष्मी नारायण मंदिर और उमा भवन के पास जाकर सामान्य कतार में मिल जाती है। इसके कारण त्योहारों और सावन के महीने में भारी भीड़ होने पर अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी और कूपन लेने के बाद भी भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ता था।
इसी गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पंडा धर्म रक्षिणी सभा ने मिलकर शीघ्र दर्शनम के लिए एक बिल्कुल अलग मार्ग तैयार करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, शीघ्र दर्शनम की कतार सामान्य कतार से पूरी तरह अलग रहेगी। कूपन धारी श्रद्धालु महाकाल भैरव मंदिर के सामने से नीचे उतरकर नीलचक्र के किनारे होते हुए सीधे बाबा के गर्भगृह तक प्रवेश पा सकेंगे।
आपको बता दें कि बाबा मंदिर में शीघ्र दर्शनम के लिए सामान्य दिनों में 300 रुपये और श्रावणी मेला, भादो मेला व महाशिवरात्रि जैसे विशेष और बड़े अवसरों पर 600 रुपये का शुल्क लिया जाता है। महंगा पास लेने के बावजूद श्रद्धालुओं को लंबे इंतजार से दो-चार होना पड़ता था।
अब देवघर एयरपोर्ट और जसीडीह रेलवे स्टेशन के माध्यम से दूर-दराज से आने वाले उन श्रद्धालुओं को इस नई व्यवस्था से सबसे बड़ी राहत मिलेगी, जो समय की कमी के कारण कूपन लेकर जल्द दर्शन करना चाहते हैं। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस नए फुट ओवरब्रिज के चालू होने से देवघर की धार्मिक पर्यटन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
