ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों हर हफ्ते सस्पेंस और सीरियल किलर के नाम पर घिसी-पिटी कहानियों की बाढ़ आई हुई है। लेकिन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘राख’ (Raakh) इस साल की सबसे बेहतरीन और अलग शो बनकर उभरी है। ‘पाताल लोक’ के क्रिएटर्स द्वारा बनाई गई यह सीरीज बेवजह के शोर-शराबे और सस्पेंस के बजाय अपनी सादगी, दमदार राइटिंग और बेहतरीन परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत रही है।
आइए जानते हैं, क्यों आपको अली फजल स्टारर यह 8 एपिसोड की सीरीज जरूर देखनी चाहिए।
क्या है कहानी?
कहानी साल 1978 की दिल्ली की है। भारतीय सेना के एक बड़े अफसर के दो बच्चे (भाई-बहन) एक रेडियो स्टेशन जाने के लिए निकलते हैं, लेकिन अचानक गायब हो जाते हैं। दिल्ली पुलिस इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग की जांच शुरू करती है, लेकिन जांच के दौरान ही कुछ बेरहमी से कत्ल होने लगते हैं।
- क्या इन कत्लों का संबंध बच्चों के गायब होने से है?
- असली कातिल कौन है और उसका मकसद क्या है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको प्राइम वीडियो पर इसके 8 एपिसोड देखने होंगे।
क्यों खास है यह सीरीज?
- 1978 की कमाल की री-क्रिएशन: सीरीज में 70 के दशक की दिल्ली को बेहद बारीकी (Peak Detailing) के साथ दिखाया गया है। उस दौर की बसें, घड़ियां, गाड़ियां और फोन आपको पुराने जमाने में ले जाएंगे।
- फॉरेंसिक साइंस का शुरुआती दौर: यह सीरीज केवल कातिल को नहीं ढूंढती, बल्कि उस दौर को दिखाती है जब फॉरेंसिक साइंस नई-नई थी और पुलिस उसका इस्तेमाल करना सीख रही थी।
- शानदार स्क्रीनप्ले: सातवें एपिसोड में आपको लगेगा कि कहानी खत्म हो चुकी है, लेकिन इसका 8वां एपिसोड सबसे दिलचस्प है, जो आपको काफी देर तक सोचने पर मजबूर कर देगा।
कैसी है एक्टिंग?
- अली फजल (जय प्रकाश): ‘मिर्जापुर’ के ‘गुड्डू भैया’ की इमेज को पूरी तरह तोड़ते हुए अली फजल ने एक शांत, ईमानदार और काम से काम रखने वाले पुलिस अफसर का किरदार निभाया है। यह उनके करियर के बेस्ट परफॉर्मेंस में से एक है।
- आमिर बशीर और सोनाली बेंद्रे: गायब हुए बच्चों के माता-पिता के रूप में आमिर बशीर और सोनाली बेंद्रे ने अपनी एक्टिंग से जान फूंक दी है। एक बेबस माता-पिता का दर्द उन्होंने स्क्रीन पर बखूबी जिया है।
- आकाश मखीजा और रमनदीप यादव (विलेन्स): सीरीज में ‘बाबू’ और ‘रज्जो’ नाम के खलनायकों का किरदार निभा रहे इन दोनों एक्टर्स ने स्क्रीन पर ऐसा खौफ पैदा किया है कि आप सिहर उठेंगे। ये ओटीटी की दुनिया के नए और सबसे खतरनाक विलेन बनकर उभरे हैं।
- अन्य कलाकार: राकेश बेदी (अली के पिता), अंशुल चौहान (पत्रकार), दिव्या शर्मा और विवान शर्मा (गायब हुए बच्चे) ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
डायरेक्शन और राइटिंग
अनुशा नंदकुमार, संदीप साकेत और प्रोसित रॉय ने मिलकर इस सीरीज को लिखा और डायरेक्ट किया है। इस शो के असली हीरो यही तीनों हैं। इन्होंने किसी स्टार को बड़ा दिखाने के बजाय कहानी को आगे रखा है और बिना किसी फालतू ड्रामे के एक कल्ट क्राइम शो तैयार किया है अगर आप क्राइम-थ्रिलर जॉनर के शौकीन हैं और कुछ बेहद शानदार और रियलिस्टिक देखना चाहते हैं, तो ‘राख’ को अपनी वॉचलिस्ट में तुरंत शामिल करें। यह शो क्राइम सीरीज के मामले में एक नई मिसाल है।
