झारखंड सरकार ने मनरेगा के तहत सामग्री आपूर्ति करने वाले सप्लायरों और विभिन्न लंबित देयकों के भुगतान के लिए बड़ा फैसला लिया है। मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने राज्य के सभी 24 जिलों को 172.65 करोड़ रुपये (17,265 लाख रुपये) आवंटित किए हैं। इस राशि से लंबे समय से लंबित सामग्री मद के भुगतान में तेजी आएगी। साथ ही सप्लायरों के बकाया का निपटारा और विभिन्न कर्मियों के लंबित वेतन व मानदेय का भुगतान भी किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी बजेंद्र हेमरोम ने सभी उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पत्र जारी कर प्राथमिकता के आधार पर लंबित दायित्वों का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि एसएनए स्पर्श मॉडल के तहत खर्च की जाएगी। 1 जुलाई से नए अधिनियम वीबीजीआरएम के लागू होने से पहले लंबित भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
किन मदों में होगा भुगतान?
- सामग्री आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायरों) का लंबित भुगतान।
- जून 2026 तक तकनीकी सहायकों (सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं बीएफटी) का लंबित वेतन।
- मेट का लंबित मानदेय।
- दीदी बगिया से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का बकाया भुगतान।
- बिरसा हरित ग्राम योजना के लंबित दायित्वों का भुगतान।
- भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लंबित भुगतान।
जिलावार आवंटित राशि
- बोकारो – 5.60 करोड़ रुपये
- चतरा – 5.20 करोड़ रुपये
- देवघर – 8.40 करोड़ रुपये
- धनबाद – 2.85 करोड़ रुपये
- दुमका – 8.80 करोड़ रुपये
- पूर्वी सिंहभूम – 2.50 करोड़ रुपये
- गढ़वा – 9.10 करोड़ रुपये
- गिरिडीह – 13.70 करोड़ रुपये
- गोड्डा – 15.00 करोड़ रुपये
- गुमला – 9.65 करोड़ रुपये
- हजारीबाग – 9.00 करोड़ रुपये
- जामताड़ा – 10.50 करोड़ रुपये
- खूंटी – 4.00 करोड़ रुपये
- कोडरमा – 3.25 करोड़ रुपये
- लातेहार – 4.00 करोड़ रुपये
- लोहरदगा – 3.40 करोड़ रुपये
- पाकुड़ – 9.30 करोड़ रुपये
- पलामू – 7.80 करोड़ रुपये
- रामगढ़ – 6.55 करोड़ रुपये
- रांची – 13.00 करोड़ रुपये
- साहिबगंज – 7.70 करोड़ रुपये
- सरायकेला-खरसावां – 2.00 करोड़ रुपये
- सिमडेगा – 10.85 करोड़ रुपये
- पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) – 7.00 करोड़ रुपये
- कुल आवंटन – 172.65 करोड़ रुपये
सबसे अधिक आवंटन पाने वाले 5 जिले
- गोड्डा – 15.00 करोड़ रुपये
- गिरिडीह – 13.70 करोड़ रुपये
- रांची – 13.00 करोड़ रुपये
- सिमडेगा – 10.85 करोड़ रुपये
- जामताड़ा – 10.50 करोड़ रुपये
सबसे कम आवंटन पाने वाले 5 जिले
- सरायकेला-खरसावां – 2.00 करोड़ रुपये
- पूर्वी सिंहभूम – 2.50 करोड़ रुपये
- धनबाद – 2.85 करोड़ रुपये
- कोडरमा – 3.25 करोड़ रुपये
- लोहरदगा – 3.40 करोड़ रुपये
