ओडिशा में नई सरकार के सफल दो वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्य को विकास की बड़ी सौगात मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन के खास मौके पर शनिवार को उनकी जन्मभूमि मयूरभंज के रायरंगपुर में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ मंच साझा करते हुए ओडिशा के लिए 47,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं को राज्य के बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और जनजातीय कल्याण के दृष्टिकोण से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
खराब मौसम भी नहीं रोक पाया कदम: 130 किमी सड़क मार्ग से पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मयूरभंज और रायरंगपुर से बेहद गहरा और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। अपने जन्मदिन पर अपनी जन्मभूमि के लोगों के बीच रहने के लिए उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों का भी डटकर सामना किया।
शुक्रवार को राष्ट्रपति विशेष विमान से पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरबेस पहुंची थीं। वहां से खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की उड़ान संभव नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर राष्ट्रपति ने सड़क मार्ग से ही जाने का फैसला किया और भारी बारिश व खराब मौसम के बीच लगभग 130 किलोमीटर का सफर तय कर रायरंगपुर पहुंचीं, जिसकी स्थानीय जनता ने खूब सराहना की।
PM मोदी ने दौरे को बताया बेहद खास, ‘पहाड़पुर’ भी गए दोनों नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस दौरे को अत्यंत विशेष और यादगार बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति ने इस समारोह को और भी भव्य बना दिया है। कार्यक्रम के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने पहाड़पुर का दौरा किया और इसके बाद ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया। पीएम मोदी ने कहा कि ये ₹47,000 करोड़ की परियोजनाएं ओडिशा के समावेशी विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
ओडिशा को मिलीं ये प्रमुख विकास परियोजनाएं
इस भव्य आयोजन के दौरान राज्य की तस्वीर बदलने वाली कई बड़ी घोषणाएं और लोकार्पण किए गए:
- : 600 मेगावाट का अपर इंद्रावती पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट और आईबी थर्मल पावर स्टेशन का दो 660 मेगावाट नई इकाइयों के साथ विस्तार।
- झारसुगुड़ा में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड परियोजना की शुरुआत।
- भुवनेश्वर में ठोस अपशिष्ट पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र।
- कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाले काठजोड़ी नदी पुल का निर्माण, रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं और बाईपास सड़कें।
- बौध जिले में 300 बेड वाले आधुनिक जिला अस्पताल की आधारशिला, नए खेल अवसंरचना और जनजातीय अनुसंधान केंद्रों का उद्घाटन।
