झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई और आधुनिक दिशा देते हुए रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज़ , कांके में आज “प्रोजेक्ट मानस – ब्रेन्सवे डीप ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन सेंटर” का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया।
सीसीएल और रोटरी के सहयोग से स्थापना
यह महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तपोषित की गई है। वहीं, इस केंद्र की स्थापना रोटरी फाउंडेशन द्वारा की गई है, जिसमें रोटरी क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ है।
क्या है dTMS तकनीक और इसके फायदे?
रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई ने इस अत्याधुनिक तकनीक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
- डीप ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन एक बेहद सुरक्षित, प्रभावी और गैर-आक्रामक उपचार तकनीक है।
- इसका मुख्य उपयोग डिप्रेशन, ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर , नशा मुक्ति उपचार तथा अन्य जटिल मानसिक एवं तंत्रिका संबंधी विकारों के इलाज में किया जाता है।
- इस केंद्र के खुलने से अब झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मानसिक स्वास्थ्य आज का गंभीर विषय: स्वास्थ्य मंत्री
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज के समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक बेहद महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों की उपलब्धता से राज्य के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए रिनपास प्रबंधन के प्रयासों को सराहा।
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह में कांके विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार बैठा, रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई, सीसीएल के जीएम सिद्धार्थ शंकर लाल, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3250 की डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन नम्रता, रोटरी फाउंडेशन से ललित त्रिपाठी, गौरव बागरॉय, मुकेश तनेजा, अमित अग्रवाल, योगेश गंभीर सहित रिनपास के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमुल रंजन सिंह, डॉ. विनोद महतो और डॉ. भुवन ज्योति समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
