रजो संक्रांति के पावन अवसर पर कोल्हान की आस्था के प्रमुख केंद्र हरिणा मुक्तेश्वरधाम में ऐतिहासिक हरिणा मेला का भव्य शुभारंभ हो गया है। मेला के पहले ही दिन सोमवार को पोटका के विधायक संजीव सरदार ने सपरिवार मुक्तेश्वरधाम पहुंचकर बुढ़ा बाबा के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा से पूरे क्षेत्र और राज्यवासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के बाद विधायक ने पूरे मेला परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया।
सांस्कृतिक एकता और आस्था का प्रतीक है हरिणा मेला
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि रजो संक्रांति पर आयोजित होने वाला हरिणा मेला कोल्हान के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मेलों में से एक है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति, अटूट आस्था और सामाजिक एकता का अनुपम प्रतीक है। आज यह धाम झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के भक्तों के लिए भी श्रद्धा का बड़ा केंद्र बन चुका है।
भीषण गर्मी में भक्तों को मिली राहत, बांटा गया शरबत और प्रसाद
मेला क्षेत्र में उमड़ी भारी भीड़ और भीषण गर्मी को देखते हुए विधायक संजीव सरदार के सौजन्य से एक सराहनीय पहल की गई। मंदिर आने वाले आम श्रद्धालुओं और विशेष अनुष्ठान करने वाले पातभोक्ताओं के बीच ठंडे शरबत, चना और गुड़ का वितरण किया गया। चिलचिलाती धूप के बीच इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली और उन्होंने विधायक की इस सेवा भावना की सराहना की।
भीड़ प्रबंधन और पेयजल को लेकर कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान विधायक ने मेला कमेटी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा:
- सभी श्रद्धालु कतारबद्ध होकर ही मंदिर में प्रवेश करें ताकि अव्यवस्था न हो।
- महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा का विशेष ख्याल रखा जाए।
- पूरे मेला परिसर में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जल्द होगा बायो डायवर्सिटी पार्क का उद्घाटन
पोटका विधायक ने क्षेत्रवासियों को एक बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि हरिणा मुक्तेश्वरधाम को अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां निर्माणाधीन बायो डायवर्सिटी पार्क और मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। बहुत जल्द राज्य के मुख्यमंत्री के हाथों इसका भव्य उद्घाटन कराया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
