नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी संकट के बीच पार्टी के बागी सांसदों ने बड़ा दावा किया है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट ने कहा है कि टीएमसी के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का फैसला किया है और लोकसभा में अलग बैठने की अनुमति के लिए स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा है।
स्पीकर से अलग बैठने की मांग
बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग ब्लॉक के रूप में बैठने की अनुमति मांगी। काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि उनके साथ 20 सांसद हैं, जो टीएमसी के लोकसभा सांसदों की संख्या के दो-तिहाई से अधिक हैं। इसी आधार पर उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय का दावा किया।
एनडीए को समर्थन देने का ऐलान
काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि उनका गुट प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि नई राजनीतिक पहचान के साथ उनका उद्देश्य राष्ट्रीय हित और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करना है।
टीएमसी ने जताई आपत्ति
इस घटनाक्रम के बीच टीएमसी नेतृत्व ने स्पीकर से आग्रह किया है कि किसी भी अलग गुट को मान्यता न दी जाए। पार्टी का कहना है कि मामले पर संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
बदल सकते हैं संसद के समीकरण
बागी गुट के दावे ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यदि स्पीकर इस गुट को मान्यता देते हैं तो लोकसभा में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। कई संवैधानिक विशेषज्ञों ने भी इस कदम के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
