पहाड़िया समुदाय की मांगों को लेकर प्रमंडलीय बैठक, जिला स्तर पर आक्रोश प्रदर्शन का ऐलान

भाषा, आरक्षण और पहचान के मुद्दे पर एकजुट हुआ पहाड़िया समुदाय, आंदोलन की चेतावनी

Johar News Times
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हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा झारखंड के बैनर तले संथाल परगना प्रमंडल के आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की एक महत्वपूर्ण बैठक लिट्टीपाड़ा प्रखंड के धनिगोड़ा गांव में आयोजित की गई। बैठक में समुदाय से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा में मालतो भाषा को शामिल करने, आदिम जनजाति समुदायों के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, कॉम पहाड़िया एवं कुमारभाग पहाड़िया समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने तथा दामिन क्षेत्र की सीमाओं के भ्रमण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी 17 जुलाई 2026 को सुंदरपहाड़ी में स्थापना दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मालतो भाषा को जनजातीय भाषाओं की सूची से हटाने का प्रयास पहाड़िया समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि समुदाय अपनी भाषा और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रूप से संघर्ष करेगा।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने आदिम जनजाति समुदायों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। उन्होंने आरक्षण और भाषा से जुड़े मुद्दों पर समुदाय की उपेक्षा किए जाने पर चिंता भी जताई।

सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विभिन्न मांगों के समर्थन में जिला स्तर पर आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और सरकार व प्रशासन के समक्ष समुदाय की मांगों को मजबूती से उठाया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा के मुख्य सलाहकार बैजनाथ पहाड़िया ने की। इस अवसर पर शिवचरण मालतो, डेविड मालतो, कमलेश्वर पहाड़िया, मोतीलाल पहाड़िया सहित संथाल परगना प्रमंडल के सरदार, नायब, युवा शक्ति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

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