पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत का आक्रामक रुख बरकरार है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि भारत का ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को केवल एक अस्थायी युद्धविरामके रूप में देखा जाना चाहिए और भविष्य में जरूरत पड़ने पर भारतीय सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार है।
तीनों सेनाएं 24 घंटे अलर्ट मोड पर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए थलसेना प्रमुख ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की कायराना हरकतों के जवाब में भारत ने जो आक्रामक सैन्य रुख अपनाया था, वह आज भी जारी है। उन्होंने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि हमारी तीनों सेनाएं— थलसेना, वायुसेना और नौसेना, किसी भी नए अभियान को अंजाम देने के लिए 24 घंटे पूरी तरह तैयार हैं। आधुनिक युद्ध के दौर में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और ज्वाइंटनेस को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
पारदर्शी युद्धक्षेत्र और इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर पर जोर सेना प्रमुख ने रणनीतिक तैयारियों पर बात करते हुए कहा, “वर्तमान समय में युद्धक्षेत्र पूरी तरह पारदर्शी हो चुका है, जहाँ हर एक गतिविधि पर तकनीक के जरिए नजर रखना आवश्यक है। इसलिए हमारी रणनीतिक तैनाती और नागरिक सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” उन्होंने सूचना युद्ध की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि कोई भी इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी सफल होता है जब पूरा देश एक साझा सोच, राष्ट्रीय भावना और भरोसे के साथ सेना के पीछे एकजुट खड़ा हो।
क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बैकग्राउंड? गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में एक कायराना आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 मासूम लोगों की जान चली गई थी। इस बर्बर हमले के जवाब में भारतीय जांबाजों ने 7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सीमा पार एक बड़ा सैन्य एक्शन शुरू किया था, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। सेना प्रमुख के ताजा बयान से साफ है कि भारत आतंकियों और उनके आकाओं को बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
