झारखंड के चाईबासा जिले के चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में आज शिक्षा की बदहाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर बाल अधिकार सुरक्षा मंच द्वारा एक विशाल विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में चक्रधरपुर और बंदगांव प्रखंड के सैकड़ों ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और हुंकार भरी।
धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से ‘शिक्षा का अधिकार कानून 2009’ को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि कानून बनने के इतने वर्षों बाद भी धरातल पर बच्चों को उनके बुनियादी अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक क्षेत्र का विकास संभव नहीं है।
मंच ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों के स्कूलों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं को उजागर किया:
- स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
- कई स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं, जो बच्चों के लिए खतरनाक हैं।
- स्कूलों में पेयजल, बिजली, शौचालय और खेल के मैदान जैसी भौतिक सुविधाओं का अभाव है।
प्रदर्शन के अंत में बाल अधिकार सुरक्षा मंच के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक मांगपत्र मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के नाम प्रखंड कार्यालय में सौंपा। इसमें जल्द से जल्द स्कूलों की स्थिति सुधारने और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।
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