रांची: झारखंड में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज, खनन, प्रसंस्करण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इस संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अमेरिकी काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट, सोना और चूना पत्थर जैसे पारंपरिक खनिजों के बड़े भंडार हैं। साथ ही राज्य में लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, सिल्वर और ग्रेफाइट समेत 20 से अधिक दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि नए दुर्लभ खनिज क्षेत्रों की खोज का कार्य लगातार जारी है। अमेरिकी काउंसलेट जनरल के माध्यम से अमेरिकी कंपनियों को झारखंड में खनन, खनिज अन्वेषण और उन्नत तकनीक आधारित गतिविधियों से जुड़ने का आमंत्रण दिया गया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अमेरिका की माइनिंग कंपनियों के समूह यूएसआईएसपीए ने झारखंड सरकार से संपर्क स्थापित किया है और खनिज ब्लॉकों की खुली नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की इच्छा जताई है। विशेष रूप से दुर्लभ खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में उनकी दिलचस्पी सामने आई है। इस अवसर पर खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, अमेरिकी काउंसलेट जनरल कैली जाइल डियाज और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
