फालता में पहली बार खिला ‘कमल’: भाजपा के देबांग्शु पांडा ने 1.09 लाख वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत, चौथे नंबर पर खिसके TMC के ‘पुष्पा’

फालता में ढहा ममता का किला: रीपोल में जनता ने पलटी बाजी, बीजेपी की ऐतिहासिक एंट्री।

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले फालता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्निर्वाचन में भाजपा ने पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीएम के शंभू कुर्मी को 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है।

  • देबांग्शु पांडा (BJP): 1,49,666 वोट (विजेता)
  • शंभू कुर्मी (CPM): 40,645 वोट (दूसरे स्थान पर)
  • अब्दुर रज्जाक मोल्ला (Congress): 10,084 वोट (तीसरे स्थान पर)
  • जहांगीर खान (TMC): 7,783 वोट (चौथे स्थान पर)

‘मैं पुष्पा हूँ’ कहने वाले TMC के जहांगीर खान की करारी हार

इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान की रही। चुनाव से पहले खुद की तुलना फिल्म के किरदार से करते हुए उन्होंने भाजपा को चुनौती दी थी और कहा था— “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।” हालांकि, मतदान से ठीक दो दिन पहले उन्होंने अचानक चुनाव से हटने का एलान कर दिया था। चूंकि आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए ईवीएम पर उनका नाम और सिंबल मौजूद रहा और वे महज 7,783 वोट पाकर चौथे नंबर पर सिमट गए।

कड़े पहरे के बीच सभी 285 बूथों पर दोबारा हुआ था मतदान

गौरतलब है कि गत 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान विपक्ष ने ईवीएम छेड़छाड़, वेब कैमरा फुटेज से छेड़छाड़ और व्यापक धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने फालता के सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदानकराने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। केंद्रीय बलों की 35 कंपनियों की निगरानी में हुए इस रीपोल में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रिकॉर्ड 88.13 फीसदी मतदान हुआ।

नेताओं के तीखे वार-पलटवार

“फालता को अब ‘गोल्डन फालता’ बनाएंगे” — सुवेंदु अधिकारी (नेता प्रतिपक्ष, BJP) जीत से गदगद भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब बंगाल की जनता को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से मतदान करने का मौका मिला, तो सच्चाई सबके सामने आ गई। उन्होंने टीएमसी पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा विकास के जरिए फालता को ‘गोल्डन फालता’ बनाएगी।

“चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध, कार्यकर्ताओं को डराया गया” — अभिषेक बनर्जी (सांसद, TMC) दूसरी ओर, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि काउंटिंग की स्पीड में विसंगतियां थीं और विपक्षी एजेंटों को बाहर निकाला गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 दिनों में टीएमसी के 1000 से अधिक कार्यकर्ताओं को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया, लेकिन आयोग मूकदर्शक बना रहा।

बंगाल की राजनीति में बड़ा टर्निंग पॉइंट

दक्षिण 24 परगना जिले की फालता सीट को लंबे समय से टीएमसी और ममता बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता रहा है। इस गढ़ में भाजपा की यह प्रचंड जीत राज्य की भविष्य की राजनीति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

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